दरअसल, रीवा के कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई थी। वहां एक व्यक्ति सूटकेस लेकर पहुंचा था। वह सूटकेस को खोलकर कलेक्टर के गेट पर बैठा था। उसके जेब पर सेना के मेडल लगे हुए थे। जब मीडिया ने उससे बात की तो उसने बताया की उसका नाम योगेश तिवारी है। वह त्योंथर तहसील के गांव मलपा से आया है। वह सेना का रिटायर सैनिक है। उसका कहना था कि हमारे गांव में विद्याधर शुक्ला नाम का दबंग व्यक्ति है। वह 376 केस में भी जेल जा चुका है। जमीनी विवाद में भी जेल जा चुका है। तिवारी का कहना है कि त्योंथर तहसील में जो अधिकारी और कर्मचारी हैं उस दबंग को फायदा दिलाने के लिए मेरी जमीन को सरकारी कर दिया है।
रिश्वत मांगने से तंग आ चुका था सैनिक
उसने बताया कि इस मामले की वह कई बार शिकायत कर चुका है, लेकिन त्योंथर तहसील में बैठे अधिकारी कर्मचारी उससे रिश्वत की मांग करते हैं। लगातार घूस की मांग से तंग आकर वह अपने पत्नी के गहने और कैश लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा है। वह अधिकारियों से मांग कर रहा है कि उससे रिश्वत ले लें लेकिन उसकी भूमि वापस दिला दें। युवक के इस कदम से कलेक्ट्रेट में हड़कंप मच गया। रीवा के कलेक्ट्रेट भवन में उसे देखकर हड़कंप मच गया। उसका कहना था कि वह कलेक्टर से मिलने से आया है। हालांकि उस समय कार्यालय में कलेक्टर के मौजूद न होने की वजह से वह उनसे नहीं मिल सका।
कलेक्टर ने क्या कहा?
वहीं दूसरी ओर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस मामले को लेकर कहा कि उनकी जो भी शिकायत है उसकी सुनवाई करने के बाद ही कोई एक्शन लिया जाएगा। अगर उनको कोई आपत्ति है तो वह वे आगे कार्रवाई के लिए आवेदन दे सकते हैं।

