Delhi AQI Today: दिल्ली में सांसों पर संकट आ गया है. राजधानी गैस चैंबर बन गई है. सीपीसीबी ने इसे लेकर डराने वाले आंकड़े पेश किए हैं. इस सीजन में एक्यूआई पहली बार 380 को पार कर गया है और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. इससे स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में काफी कठिनाई हो रही है. हालांकि भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि ये तो अभी शुरुआत है, आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो सकते हैं.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दो नवंबर को इंडिया गेट और जनपथ के आसपास के इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 335 है, जिसे ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखा गया है. जबकि ITO के आसपास के इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 349 पहुंच गया है यह भी ‘बहुत खराब’ (Very Poor) केटेगरी में है.
हालांकि सबसे ज्यादा खराब हाल दिल्ली के जहांगीरपुरी का है. जहां जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा प्रदूषण मापा गया है और एक्यूआई 388 दर्ज किया गया है. दिल्ली के हालातों का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसके 23 इलाके ऐसे हैं जहां एक्यूआई 300 के पार निकल गया है और हवा में बुरी तरह जहर घुल चुका है.
बता दें कि दिल्ली का औसत एक्यूआई 117 यानी मध्यम श्रेणी में था जो अचानक रविवार को बढ़कर 261 पर पहुंच गया. सोमवार से प्रदूषण स्तर में और भी बढ़ोत्तरी देखी गई. आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के कुल 59 निगरानी केंद्रों में से 43 पर हवा खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है.
मुंबई में भी आसमान में छाया स्मॉग
सिर्फ दिल्ली ही नहीं इन सर्दियों में मुंबई का हाल भी काफी खराब हो गया है. देश की आर्थिक राजधानी के आसमान में धुंध और प्रदूषण की परत छाई हुई है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक आज बांद्रा के आसपास के इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 131 है जो मॉडरेट है, लेकिन कई अन्य इलाकों में एक्यूआई इससे भी ज्यादा है. धुंध की वजह से विजिबिलिटी प्रभावित होने से कई जगहों पर रास्ते में थोड़ी दूर की चीजें भी दिखाई नहीं दे रही हैं.
एनसीआर ही नहीं पड़ोसी शहरों में हालात बेकाबू
वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग के वायु गुणवत्ता अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुमानों के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है.कई निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई 300 के पार ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया है. जहांगीरपुरी, रोहिणी, पंजाबी बाग जैसे इलाकों में स्थिति ज्यादा खराब है.
प्रदूषण की मार सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि एनसीआर में आने वाले नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेरठ, मानेसर आदि शहरों में देखने को मिल रही है. इसके साथ ही पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और यूपी में भी हालात काफी खराब हैं. उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ पंजाब-हरियाणा से पराली जलाने से निकले प्रदूषक पहुंचने और सर्दी की शुरुआत के साथ हवा की गति कम होने को मुख्य कारण माना जा रहा है.
पाबंदियों के बाद भी बढ़ा प्रदूषण
सबसे दिलचस्प है कि 1 नवंबर से लागू हुए विंटर एक्शन प्लान और संबंधित प्रतिबंधों के बावजूद प्रदूषण बढ़ा है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतें, बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी वाले लोगों को बाहरी गतिविधियों से बचने की सलाह दी जा रही है. मास्क का इस्तेमाल और जरूरत पड़ने पर एयर प्यूरीफायर का सहारा लें. आईएमडी के अनुमानों के अनुसार मौसम शुष्क रहेगा, जिससे आगे भी प्रदूषण का दबाव बना रह सकता है.

