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Tejashwi Yadav Bihar Adhikar Yatra: राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के बाद अब तेजस्वी यादव ‘बिहार अधिकार यात्रा’ पर निकलने वाले हैं. क्या राहुल गांधी ने बिहार में कांग्रेस में जान फूंक दी है? और क्या अब तेजस्वी महागठबंधन में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह यात्रा कर रहे हैं?
तेजस्वी यादव मंगलवार से निकलेंगे बिहार अधिकार यात्रा पर.बिहार की सियासत में इन दिनों ‘यात्रा’ का मौसम है. एक तरफ जहां तमाम पार्टियां अपनी-अपनी यात्राओं के जरिए जनता से जुड़ने की कोशिश कर रही हैं, वहीं तेजस्वी यादव ने भी अपनी खुद की ‘बिहार अधिकार यात्रा’ का ऐलान कर दिया है. यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला है, क्योंकि करीब 15 दिन पहले ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का समापन किया था. सवाल यह है कि जब एक संयुक्त यात्रा सफल रही तो तेजस्वी को अकेले एक और यात्रा करने की जरूरत क्यों पड़ी?
क्यों जरूरी है तेजस्वी के लिए यह यात्रा?
नेतृत्व पर पकड़ मजबूत करना
राहुल गांधी के साथ यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव को भी प्रमुखता मिली, लेकिन कांग्रेस के बड़े नेताओं ने भी जनता का ध्यान अपनी तरफ खींचा. ऐसे में तेजस्वी यादव अपनी खुद की यात्रा से यह साबित करना चाहते हैं कि वह महागठबंधन के निर्विवाद नेता हैं और सीएम फेस के रूप में जनता की पहली पसंद हैं. तेजस्वी अपने पिता लालू यादव की तरह जनता से सीधे तौर पर जुड़ना चाहते हैं. लालू भी हमेशा यात्राओं और रैलियों के जरिए लोगों से सीधे जुड़ते थे. तेजस्वी की यह यात्रा लालू की उस विरासत को आगे बढ़ाने का एक प्रयास भी है, जिसमें जनता के साथ सीधा संवाद होता है.
‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने कांग्रेस को बिहार में एक नई पहचान दी. इस यात्रा के जरिए कांग्रेस ने यह साबित किया कि वह सिर्फ राजद की बी-टीम नहीं है, बल्कि उसका अपना जनाधार और राजनीतिक कद है. राहुल गांधी ने अपने भाषणों से जनता को यह संदेश दिया कि कांग्रेस बिहार के मुद्दों को लेकर गंभीर है. यह एक ऐसी स्थिति है जो राजद के लिए चुनौती बन गई है. राजद हमेशा से ही महागठबंधन में खुद को सबसे बड़ी पार्टी मानता रहा है और इसी आधार पर वह सीटों के बंटवारे पर अपनी शर्तें रखता है. लेकिन अब कांग्रेस मजबूत होकर अपनी शर्तें रख सकती है. यह स्थिति तेजस्वी यादव को असहज कर रही है. यही वजह है कि वह अपनी यात्रा से यह साबित करना चाहते हैं कि असली जनाधार आज भी राजद के पास है.

