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West Bengal Election: भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कोलकाता में निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव तीन चरणों में कराने और हिंसामुक्त चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की. उन्होंने 16 सूत्री ज्ञापन सौंपा.

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार बंगाल दौरे पर हैं. फोटो- पीटीआई
West Bengal Election: भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को कोलकाता में निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात की और मांग की कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अधिकतम तीन चरण में ही कराए जाएं. पार्टी ने यह भी आग्रह किया कि निर्वाचन आयोग राज्य में पूरी तरह हिंसामुक्त विधानसभा चुनाव कराने के लिए ठोस कदम उठाए. भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सुरक्षा के माहौल को लेकर अपनी चिंताओं को रेखांकित करते हुए 16 सूत्री ज्ञापन आयोग को सौंपा.
अधिकारियों ने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी सोमवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों के प्रतिनिधिमंडलों से चुनाव संचालन संबंधी उनकी चिंताओं और सुझावों को सुन रहे हैं. तीन सदस्यीय पार्टी प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि पार्टी ने आयोग से मतदान कार्यक्रम को अधिकतम तीन चरणों तक सीमित करने का आग्रह किया है.
भाजपा की डिमांड
उन्होंने कहा कि हमने एक, दो या तीन चरणों में ही चुनाव कराने की मांग की है. भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने एक प्रमुख चिंता यह जताई कि राज्य में वर्तमान में केंद्रीय बलों की लगभग 400 कंपनियों की तैनाती और उनके उपयोग का तरीका सही नहीं है. चट्टोपाध्याय ने इन बलों के संचालन में राज्य पुलिस की भूमिका की आलोचना करते हुए कहा कि ‘‘भरोसा कायम करने के मौजूदा प्रयास’’ मतदाताओं को आश्वस्त करने में विफल साबित हो रहे हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य पुलिस द्वारा केंद्रीय बलों के उपयोग के तरीके से हम असंतुष्ट हैं. यदि हिंसा-मुक्त और भयमुक्त वातावरण बनाना है, तो आयोग को राज्य पुलिस और सरकार के उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो मतदाताओं को अपना वोट डालने से रोकते हैं.’’ पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि रूट मार्च जानबूझकर शांतिपूर्ण क्षेत्रों में कराए जा रहे हैं.
भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया ने कहा, “मैंने अपनी आंखों से देखा है कि रूट मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण क्षेत्रों में हो रहे हैं. ये मुख्य सड़कों पर हैं जहां कोई आबादी नहीं है-केवल वाहन गुजरते हैं. इस तरह राज्य पुलिस केंद्रीय बलों को काम करने के लिए बाध्य कर रही है.” इसके अलावा, पार्टी ने आयोग से संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान के मानदंडों को फिर से परिभाषित करने का अनुरोध किया. भाजपा ने प्रस्ताव रखा कि पिछले चुनावों के दौरान या उनके बाद 85 प्रतिशत से अधिक मतदान वाले या हिंसा झेलने वाले किसी भी बूथ को स्वतः संवेदनशील घोषित कर अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जाए.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें

