पटना. प्रशांत किशोर की जन सुराज ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है. दूसरी लिस्ट में कुल 65 कैंडिडेट में इस बार 47 सीटों पर नए चेहरों को टिकट दिया गया है. पहली सूची में 51 उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब यह दूसरी लिस्ट बताती है कि पीके का फोकस जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर है. इसके साथ ही ऐसा लग रहा है कि बिहार की सियासत में एक नया समीकरण तेजी से आकार ले रहा है. प्रशांत किशोर ने विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर साफ संकेत दे दिया है कि उनकी लड़ाई सिर्फ कुर्सी की नहीं, ‘कथित राजनीतिक ढांचे’ को बदलने की भी है. पार्टी ने मुसलमान, यादव, पासवान, ब्राह्मण, राजपूत, महादलित और पिछड़े वर्ग से उम्मीदवार उतारकर पारंपरिक राजनीति को चुनौती देने की रणनीति अपनाई है. 65 उम्मीदवारों की इस नई लिस्ट में 47 नये चेहरे हैं जो न सिर्फ जातिगत और सामाजिक संतुलन को साधते हैं बल्कि शहरी, ग्रामीण और जातीय मतदाताओं को जोड़ने का भी इशारा करते हैं.
सीमांचल से लेकर मिथिलांचल तक फोकस
इस लिस्ट में सीमांचल (कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज) की कई सीटें शामिल हैं. कदवा से एमडी शहरयार, कटिहार से डॉ. गाजी शरीक, बलरामपुर से असहब आलम. बता दें कि इन इलाकों में मुस्लिम और पिछड़ा वर्ग की बड़ी आबादी है. इसी तरह मिथिलांचल में शिवहर, सीतामढ़ी, झंझारपुर, मधेपुरा जैसी सीटों पर यादव, ब्राह्मण और ओबीसी समुदायों को टिकट दिया गया है. जानकारों की नजर में पीके का उद्देश्य इन इलाकों में पारंपरिक महागठबंधन और एनडीए की जड़ों में सेंध लगाना है.
| विधानसभा क्षेत्र/प्रत्याशी | विधानसभा क्षेत्र/प्रत्याशी | विधानसभा क्षेत्र/प्रत्याशी |
| नौतन – संतोष चौधरी रकसौल – कपिल देव प्रसाद उर्फ भुवन पटेल नरकटिया – लाल बाबू यादव केसरिया – नाज अहमद खान उर्फ पप्पू खान कल्याणपुर – डॉ. मंतोष साहनी चिरैया – संजय सिंह शिवहर – नीरज सिंह रीगा – कृष्ण मोहन बथनाहा – डॉ. नवल किशोर चौधरी बाजपट्टी – आजम हुसैन अनवर |
सीतामढ़ी – जियाउद्दीन खान हरलाखी – रत्नेश्वर ठाकुर राजनगर – डॉ. सुरेंद्र कुमार दास झंझारपुर – केशव भंडारी पिपरा – इंद्रदेव साह त्रिवेणीगंज – प्रदीप राम नरपतगंज – जनार्दन यादव ठाकुरगंज – मो. एकरामुल हक कस्बा – इत्तेफाक आलम उर्फ मुन्ना बनमनखी – मनोज कुमार ऋषि |
गौरा बौराम – डॉ. इफ्तेखार आलम बहादुरपुर – आमिर हैदर बरहरिया – डॉ. शाहनवाज गोरियाकोठी – एजाज अहमद सिद्दीकी तरैया – सत्येंद्र कुमार साहनी राजा पाकर – मुकेश कुमार राम महनार – डॉ. राजेश चौरसिया पातेपुर – दशई चौधरी वारिसनगर – सत्य नारायण उर्फ प्रदीप साहनी उजियारपुर – दुर्गा प्रसाद सिंह |
युवा और शिक्षित चेहरों पर लगा रहे दांव
जन सुराज की दूसरी सूची में ज्यादातर उम्मीदवार अपेक्षाकृत युवा और शिक्षित पृष्ठभूमि से आते हैं. केसरिया से नाज अहमद, कल्याणपुर से डॉ. मंतोष साहनी, बड़हरिया से डॉ. सहनवाज और चेरिया बरियारपुर से डॉ. मृत्युंजय ऐसे ही नाम हैं. दरअसल पीके का जोर पारंपरिक नेताओं के बजाय ‘क्लीन इमेज’ वाले लोगों पर है. राजनीति के जानकारों का मानना है कि यह कदम शहरी और युवा वोटरों को जोड़ने की रणनीति का हिस्सा है. वहीं, जन सुराज कार्यकर्ता घर-घर अभियान और जनता से सीधा संवाद पर भरोसा कर रहे हैं.
| विधानसभा क्षेत्र/प्रत्याशी | विधानसभा क्षेत्र/प्रत्याशी | विधानसभा क्षेत्र/प्रत्याशी |
| रोसड़ा – रोहित पासवान हसनपुर – इंदु गुप्ता चेरिया बरियारपुर – डॉ. मृत्युंजय बखरी – डॉ. संजय कुमार पासवान अलौली – अभिषेक कुमार कहलगाँव – मंजर आलम भागलपुर – अभय कांत झा तारापुर – डॉ. संतोष सिंह जमालपुर – लल्लन जी यादव |
सूर्यगढ़ा – अमित सागर इस्लामपुर – तनुजा कुमारी हरनौत – कमलेश पासवान बख्तियारपुर – बाल्मीकि सिंह फुलवारी – प्रो. शशिकांत प्रसाद मनेर – राजेश्वर मांझी संदेश – राजीव रंजन सिंह बक्सर – तथागत हर्षवर्धन डुमराँव – शिवांग विजय सिंह राजपुर – धनंजय पासवान |
चैनपुर – हेमंत चौबे नोखा – डीएसपी-नसरुल्लाह खान कुटुंबा – श्याम बलि राम उर्फ महाबली पासवान बाराचट्टी – इंजीनियर हेमंत पासवान टेकारी – डॉ. शशि यादव वजीरगंज – संतोष कुमार |
पहली लिस्ट से दिखने लगी ‘पीके की सियासत’
बता दें कि इससे पहले पहली सूची में जन सुराज ने 51 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. इस सूची में भी यादव, कुशवाहा, पासवान, राजपूत, ब्राह्मण और मुस्लिम समुदायों का व्यापक प्रतिनिधित्व दिया गया था. पीके ने उस समय साफ कहा था कि उनकी पार्टी ‘जाति की राजनीति तो करेगी, लेकिन जातिवाद की नहीं. इसका मतलब यह कि सामाजिक वास्तविकता को नकारे बिना संतुलन साधने की कोशिश. ऐसा लता है कि पीके की कोशिश है कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के सभी क्षेत्रों में संगठनात्मक पकड़ मजबूत हो.
महागठबंधन और एनडीए के लिए नई चुनौती
जन सुराज की पहली लिस्ट के 51 उम्मीदवारों की लिस्ट
| विधानसभा क्षेत्र/प्रत्याशी | विधानसभा क्षेत्र/प्रत्याशी | विधानसभा क्षेत्र/प्रत्याशी |
| वाल्मीकि नगर – दधी नारायण प्रसाद लौरिया – सुनील कुमार हरसिद्धि (SC) – अवधेश राम ढाका – डॉ. लाल बाबू प्रसाद सुस्सन – उषा किरण रुईसेदपुर – विजय कुमार साह बेनीपट्टी – मोहम्मद परवेज आलम निर्मली – राम प्रवेश यादव सिटामढ़ी – राकिब बाबूल हनुमाननगर – अब्दुल फैयाज अमौर – अफरोज आलम बायसी – मो. शाहनवाज आलम प्राणपुर – कुणाल निषाद उर्फ सोनू निषाद आलमनगर – सुभोध कुमार सुमन सहरसा – किशोर कुमार सिमरी बख्तियारपुर – सुरेंद्र यादव मधेपुरा – शमीम आलम |
दरभंगा ग्रामीण – शौकत खान दरभंगा शहरी – आर. के. मिश्रा केवटी – बिलटू सहनी मीना पुर – तेज नारायण सहनी मुजफ्फरपुर – डॉ. अमित कुमार दास गोपालगंज – डॉ. शशि शेखर सिन्हा मीरगंज – अमित कुमार रघुनाथपुर – राहुल कीर्ति सिंह दरौंदा – सत्येंद्र कुमार यादव मांझी – वाई बी गिरि बनियापुर – श्रवण कुमार महतो छपरा – जय प्रकाश सिंह परसा – मुशहेब महतो सोनपुर – चंदन लाल मेहता कल्याणपुर (SC) – राम बालक पोद्दार मोरवा – जागृति ठाकुर मटिहानी – डॉ. अरुण कुमार |
बेगूसराय – सुरेंद्र कुमार सहनी खगड़िया – जयंती पटेल बेलदौर – गंगेश कुमार सिंह (निषाद) परबत्ता – विनोद कुमार वर्मा पीरपैंती (SC) – घनश्याम दास बेलहर – बृज किशोर पंडित अस्थावां – लता सिंह बिहार शरीफ – दिनेश कुमार नालंदा – कुमारी पूनम सिन्हा कुम्हरार – के. सी. सिन्हा आरा – डॉ. विजय कुमार गुप्ता चेन्नारी (SC) – नेहा कुमारी (नटराज) करगहर – तिरो रंजन पांडेय गोह – सीताराम दुखारी नवीनगर – अर्चना चंदा इमामगंज (SC) – डॉ. अजित कुमार बोध गया (SC) – लक्ष्मण मांझी |
जातीय गणित बनाम विकास की राजनीति
पीके ने अपने अभियान की शुरुआत से ही जातीय समीकरण के साथ विकास की बात की है. उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया भी उसी पैटर्न पर की जा रही है. जाति को नजरअंदाज किए बिना सामाजिक प्रतिनिधित्व और नए चेहरों पर फोकस. इस रणनीति से जन सुराज यह संदेश देना चाहता है कि वह ‘पुरानी पार्टियों का विकल्प’ बन सकता है. दरअसल, पीके की योजना धीरे-धीरे हर क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित करने की है ताकि किसी खास इलाके की पार्टी बनने की छवि न बने.

