इंदौर में एक विनाशकारी ट्रक दुर्घटना के जवाब में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है और इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई शुरू की है। सरकार घायलों के चिकित्सा खर्चों को वहन करेगी।
India
-Oneindia Staff
मध्यप्रदेश
की
आर्थिक
राजधानी
इंदौर
में
हुए
खौफनाक
ट्रक
हादसे
को
लेकर
मुख्यमंत्री
डॉ.मोहन
यादव
ने
16
सितंबर
को
कड़ा
एक्शन
लिया
है।
उन्होंने
एक
तरफ
मृतकों
के
परिजनों
के
लिए
चार
लाख
रुपये
की
आर्थिक
मदद
की
घोषणा
की
है,
तो
वहीं
दूसरी
तरफ
पुलिस
उपायुक्त
यातयात
को
हटाने
के
साथ-साथ
कॉन्सटेबलों
को
निलंबित
कर
दिया
है।
इसके
अलावा
आपदा
में
बेहतर
काम
करने
के
लिए
उन्होंने
कॉन्सटेबल
सहित
एक
शख्स
को
पुरस्कृत
किए
जाने
की
घोषणा
की
है।
इससे
पहले
सीएम
डॉ.
यादव
ने
अस्पताल
जाकर
हादसे
में
घायल
हुए
लोगों
के
हालचाल
जाने।
अब
इस
घटना
की
जांच
रिपोर्ट
एसीएस
होम
प्रस्तुत
करेंगे।

गौरतलब
है
कि
इंदौर
हादसे
के
दूसरे
दिन
सीएम
डॉ.
यादव
इंदौर
पहुंचे।
उन्होंने
घायलों
और
पीड़ित
परिवारों
से
मुलाकात
की।
उन्होंने
कहा
कि
दुर्घटना
अत्यंत
हृदय
विदारक
थी
और
उस
पीड़ा
से
वे
रात
भर
परेशान
रहे।
उन्होंने
मीडिया
को
बताया
कि
हादसे
में
मृतकों
के
परिजनों
को
चार-चार
लाख
रुपये
की
आर्थिक
सहायता
दी
जाएगी।
घायलों
को
एक-एक
लाख
रुपए
की
आर्थिक
सहायता
दी
जाएगी।
घायलों
के
इलाज
का
पूरा
खर्च
सरकार
उठाएगी।
उन्होंने
कहा
कि
इस
भीषण
घटना
के
मद्देनजर
पुलिस
उपायुक्त
यातयात
अरविन्द
तिवारी
को
हटा
दिया
गया
है।
तिवारी
को
भोपाल
कार्यालय
अटैच
किया
जाएगा।
सीएम
डॉ.
मोहन
यादव
ने
कहा
कि
ट्रक
हादसे
के
चलते
एसीपी
सुरेश
सिंह,
प्रभारी
एएसआई
प्रेम
सिंह,
प्रभारी
सूबेदार
चन्द्रेश
मरावी,
निरीक्षक
दीपक
यादव
को
निलंबित
कर
दिया
गया
है।
दूसरी
ओर,
कॉन्सटेबल
पंकज
यादव
और
ऑटो
रिक्शा
चालक
अनिल
कोठारी
को
अच्छा
काम
करने
के
लिए
पुरस्कृत
किया
जाएगा।
बता
दें,
15
सितंबर
को
इंदौर
के
एयरपोर्ट
रोड
पर
शिक्षक
नगर
में
एक
ट्रक
बेकाबू
हो
गया।
वह
भीड़
और
कई
वाहनों
को
कुचलता
हुआ
चला
गया।
इसमें
कुछ
लोगों
की
जान
चली
गई।
इस
हादसे
के
दौरान
ट्रक
में
आग
भी
लग
गई।
इस
हादसे
में
वहां
खड़े
लोगों
के
रोंगटे
खड़े
कर
दिए।
सूचना
मिलते
ही
बचाव
दल,
पुलिसकर्मी
और
फायरब्रिगेड
मौके
पर
पहुंच
गए
थे।

