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RG Kar Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की महिला डॉक्टर के रेप और मर्डर केस में दो साल बाद नया मोड़ आया है. पश्चिम बंगाल सरकार ने मृतका की मां के अनुरोध पर मामले की नई जांच कराने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, इस जांच में पुलिस की कथित लापरवाही को भी देखा जाएगा. वहीं अंतिम संस्कार में कथित अनियमितताओं की अलग जांच के निर्देश भी दिए गए हैं.
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरजी कर अस्पताल में डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में नई जांच की घोषणा की.
पश्चिम बंगाल के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर केस में दो साल बाद एक बार फिर जांच का रास्ता खुल गया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को 2024 में ऑन-ड्यूटी डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में नई जांच की घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह फैसला मृतका की मां के अनुरोध पर लिया गया है, जो अब भारतीय जनता पार्टी की विधायक हैं.
सीएम सुवेंदु ने बताया कि मृतका की मां रत्ना देबनाथ ने उनसे मामले की दोबारा जांच कराने का अनुरोध किया था. मुख्य सचिव और विशेषज्ञों की टीम के साथ विस्तृत चर्चा के बाद सरकार ने नई जांच शुरू करने का फैसला लिया है.
सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाने में विफल रही थी. सरकार की नई जांच में इस पहलू को भी देखा जाएगा कि शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने किन बिंदुओं पर लापरवाही बरती और क्या किसी स्तर पर अहम तथ्यों को नजरअंदाज किया गया.
मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही मृतका के अंतिम संस्कार से जुड़ी कथित अनियमितताओं की अलग से जांच के भी निर्देश दिए हैं. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने को कहा है.
आरजी कर अस्पताल की घटना को दो साल पूरे होने के मौके पर रविवार को पश्चिम बंगाल के सभी सरकारी अस्पतालों में दो मिनट का मौन रखा गया. डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाली डॉक्टर को श्रद्धांजलि दी.
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. शारद्वत मुखर्जी और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय स्वास्थ्य भवन में दो मिनट का मौन रखा. वहीं, उत्तर कोलकाता स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों के साथ वहां सुरक्षा में तैनात अर्धसैनिक बलों के जवानों ने भी मौन रखकर मृतका को श्रद्धांजलि दी.
वहीं मृतका की मां ने एक स्मृति कार्यक्रम के दौरान अपनी बेटी की याद में पौधा लगाया और उसमें पानी दिया. इस दौरान उन्होंने अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग दोहराई. घटना के बाद से ही पीड़िता का परिवार लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि मामले में सिर्फ एक व्यक्ति जिम्मेदार नहीं हो सकता और पूरे घटनाक्रम की व्यापक जांच की जानी चाहिए.
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साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं.
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