नई दिल्ली: अमेरिका के इलिनॉय राज्य स्थित ऑरोरा में हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर की गई सामूहिक गोलीबारी की साजिश पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया है. विदेश मंत्रालय की पाक्षिक प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि यह मामला अमेरिका में भारतीय समुदाय के खिलाफ बढ़ते नफरती अपराधों और नस्लीय भेदभाव को उजागर करता है. भारत ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई पर भी ध्यान दिया है. इसके साथ ही अमेरिकी प्रशासन से अपील की है कि वह वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षा और भलाई सुनिश्चित करे. विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल की टिप्पणियों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह बताया. इसके अलावा ब्रीफिंग में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के दौरे, यूएई के साथ अहम बैठकों, कनाडा और मालदीव से जुड़े मुद्दों पर आधिकारिक जानकारी साझा की गई.
अमेरिका के ऑरोरा में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश पर भारत ने क्या कहा?
अमेरिका के ऑरोरा इलाके में हिंदू मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की साजिश सामने आने के बाद भारत ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह घटना बेहद चिंताजनक है. अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों के खिलाफ नफरत और भेदभाव के मामले बढ़ रहे हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस साजिश को नाकाम करने में जुटी अमेरिकी जांच एजेंसियों के कदमों को नोट किया है. भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारतीय नागरिकों की हिफाजत सर्वोच्च प्राथमिकता है. अमेरिकी प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां मौजूद भारतीय समुदाय पूरी तरह सुरक्षित महसूस करे. किसी भी प्रकार की नफरती हिंसा को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए.
अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल की बयानबाजी पर विदेश मंत्रालय ने कैसे लगाई फटकार?
प्रेस वार्ता के दौरान अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल की हालिया टिप्पणियों को लेकर भी सवाल पूछा गया था. इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बेहद कड़ा रुख अपनाया. रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम इन टिप्पणियों को पूरी तरह अनावश्यक और अधूरी जानकारी पर आधारित मानते हैं.
प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस तरह के बयान एक लोकतांत्रिक देश की चुनावी प्रक्रियाओं में सीधा दखल देने के समान हैं. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के आंतरिक चुनावी तौर-तरीकों पर बिना तथ्य टिप्पणी करना अनुचित है. भारत ने साफ किया कि इस प्रकार का गैर-जिम्मेदाराना रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों और परंपराओं को ही कमजोर करता है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे में किन मुद्दों पर होगी अहम चर्चा?
विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के आगामी भारत दौरे को लेकर भी महत्वपूर्ण ब्यौरा दिया है. रणधीर जायसवाल ने बताया कि यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर देगा. दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संपर्कों को बनाए रखना साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है.
इस यात्रा के दौरान दोनों पक्ष द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों की विस्तृत समीक्षा करेंगे. बातचीत में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने पर मुख्य ध्यान रहेगा. इसके अलावा रक्षा सहयोग, क्रिटिकल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी तथा आपसी हित के अन्य क्षेत्रों पर चर्चा होगी. दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधि क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा करेंगे.
यूएई के उप प्रधानमंत्री की मुंबई में मेजबानी और अन्य शहरों को चुनने की क्या है वजह?
विदेश मंत्री एस जयशंकर 19 और 20 अक्टूबर को मुंबई में यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की आधिकारिक मेजबानी करेंगे. इस दौरान भारत और यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फिनटेक, रक्षा और कनेक्टिविटी से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाया जाएगा. दोनों नेता पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा करेंगे.
इसके बाद 20 अक्टूबर को विदेश मंत्री मुंबई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात करेंगे. जयशंकर अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे. विदेशी मेहमानों की मुंबई में मेजबानी पर प्रवक्ता ने बताया कि पिछले एक दशक से विदेशी नेताओं की देश के अलग-अलग शहरों में अगवानी करने की परंपरा रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेन के प्रधानमंत्री की वडोदरा में, जर्मन चांसलर मर्ज की अहमदाबाद में और मॉरीशस के प्रधानमंत्री की वाराणसी में मेजबानी की थी. इसी तरह विदेश मंत्री ने गोवा में एससीओ बैठक, केवड़िया में बोत्सवाना के विदेश मंत्री और अमृतसर में हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन की मेजबानी की थी.
प्रधानमंत्री मोदी के कनाडा दौरे और तारीखों के ऐलान को लेकर क्या स्थिति बनी हुई है?
कनाडा के साथ संबंधों पर बात करते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कुछ दिन पहले ही नई दिल्ली का दौरा किया था. अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बातचीत की थी. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी शिष्टाचार मुलाकात की थी.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के कनाडा दौरे का विषय भी चर्चा में आया था. फिलहाल दोनों देशों के बीच इस दौरे की तारीखों और कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक बातचीत चल रही है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सभी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद उचित समय पर दौरे का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा.
मालदीव को 3000 करोड़ रुपये का करेंसी स्वैप रोलओवर देकर भारत ने कैसे दी बड़ी राहत?
पड़ोसी देश मालदीव के साथ मजबूत विकास साझेदारी को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा वित्तीय फैसला साझा किया. मालदीव सरकार के विशेष अनुरोध पर भारत ने 3000 करोड़ रुपये के करेंसी स्वैप का पहला रोलओवर कर दिया है. यह व्यवस्था 23 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएगी.
रणधीर जायसवाल ने बताया कि यह करेंसी स्वैप रोलओवर अक्टूबर 2024 में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत किया गया है. भारत की इस समय पर दी गई आर्थिक मदद से मालदीव की वित्तीय स्थिति को बड़ा सहारा मिलेगा. इससे मालदीव की अर्थव्यवस्था में स्थिरता आएगी और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे.

